CG NEWS: रायपुर के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेल गतिविधियों पर रोक, NGT का बड़ा एक्शन; मचा हड़कंप
देश के तीन बड़े इंटरनेशनल स्टेडियमों पर अंतरिम प्रतिबंध, बिना NGT की अनुमति नहीं होगा कोई मैच या आयोजन; 17 अगस्त को अगली सुनवाई

रायपुर, 11 जुलाई 2026। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने जल संरक्षण और भूजल के अनियंत्रित उपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम समेत देश के तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में सभी खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब NGT की अनुमति के बिना इन स्टेडियमों में किसी भी प्रकार का क्रिकेट मैच, खेल आयोजन या अन्य खेल गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकेगी।
यह कार्रवाई केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और NGT द्वारा जारी नोटिसों का समय पर जवाब नहीं देने के कारण की गई है। अधिकरण ने साफ कहा है कि जल संकट के दौर में बड़े खेल परिसरों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है तथा उन्हें भूजल के उपयोग और जल संरक्षण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
रायपुर, मुंबई और जयपुर के स्टेडियमों पर गिरी गाज
NGT के अंतरिम आदेश की जद में रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, मुंबई का डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम और जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम आए हैं। अधिकरण ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक इन स्टेडियमों में कोई भी खेल गतिविधि बिना न्यायाधिकरण की अनुमति के आयोजित नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होगी।
बार-बार नोटिस, फिर भी नहीं मिला जवाब
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और NGT ने संबंधित स्टेडियम प्रबंधन से कई बार यह जानकारी मांगी थी कि मैदान और पिचों के रखरखाव के लिए पानी कहां से लिया जाता है, कितना भूजल उपयोग किया जाता है तथा जल संरक्षण और रीसाइक्लिंग की क्या व्यवस्था है।
हालांकि रायपुर, जयपुर और मुंबई के स्टेडियम निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके। इसे गंभीर मानते हुए NGT ने अंतरिम प्रतिबंध लगाने का फैसला सुनाया।
जल संकट पर NGT की सख्त टिप्पणी
अपने आदेश में NGT ने कहा कि देश के कई हिस्से गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में बड़े खेल परिसरों द्वारा भूजल का अनियंत्रित उपयोग पर्यावरणीय दृष्टि से चिंताजनक है। अधिकरण ने यह भी कहा कि केवल रेन वाटर हार्वेस्टिंग या पानी के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) का दावा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन और जल उपयोग का पूरा रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करना आवश्यक है।
अप्रैल में छह स्टेडियमों से मांगी गई थी रिपोर्ट
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में NGT ने देश के छह प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों से जल प्रबंधन और भूजल उपयोग को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इनमें रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नई दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम, लखनऊ का भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम, कटक का बाराबती स्टेडियम, जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम और मुंबई का डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम शामिल थे।
इनमें अरुण जेटली स्टेडियम और इकाना स्टेडियम ने समय पर अपना जवाब दाखिल कर दिया, जबकि बाराबती स्टेडियम ने अतिरिक्त समय की मांग की। वहीं रायपुर, जयपुर और मुंबई की ओर से जवाब नहीं मिलने पर NGT ने अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।
छत्तीसगढ़ क्रिकेट पर पड़ सकता है असर
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के साथ-साथ विभिन्न खेल आयोजन आयोजित होते रहे हैं। ऐसे में NGT के इस आदेश का असर भविष्य में प्रस्तावित क्रिकेट मैचों, अभ्यास सत्रों और अन्य खेल आयोजनों पर पड़ सकता है। अब स्टेडियम प्रबंधन को NGT के समक्ष जल प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद ही प्रतिबंध हटाने पर फैसला लिया जाएगा।
